मुजफ्फरपुर में AI और डीपफेक से होटल व्यवसायी को हनी ट्रैप में फंसाकर 97 लाख की ठगी, 20 लाख बरामद
बिहार के मुजफ्फरपुर में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल कर एक होटल व्यवसायी को हनी ट्रैप में फंसाने और उससे 97 लाख रुपये की वसूली करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
मुजफ्फरपुर, बिहार: बिहार के मुजफ्फरपुर में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल कर एक होटल व्यवसायी को हनी ट्रैप में फंसाने और उससे 97 लाख रुपये की वसूली करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 20 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं, जबकि मुख्य आरोपी सहित अन्य संदिग्ध फरार हैं।
AI और डीपफेक के जरिए रचा गया हनी ट्रैप
पुलिस के अनुसार, अहियापुर थाना क्षेत्र निवासी अभिषेक कुमार ने अपनी एक महिला मित्र और चार अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर होटल व्यवसायी को निशाना बनाया। आरोपियों ने कथित तौर पर AI और डीपफेक तकनीक का उपयोग कर अश्लील फोटो और वीडियो तैयार किए और उन्हें वायरल करने की धमकी देकर एक करोड़ रुपये की मांग की।
बदनामी के डर से पीड़ित व्यवसायी ने अलग-अलग लोगों से उधार लेकर चार किस्तों में कुल 97 लाख रुपये आरोपियों को सौंप दिए।
मुजफ्फरपुर, पटना और सीतामढ़ी में हुई पैसों की डिलीवरी
जांच में सामने आया कि ठगों ने रकम की डिलीवरी अलग-अलग स्थानों पर कराई। पहली किस्त में 30 लाख रुपये मिलने के बाद भी आरोपियों ने लगातार पैसे की मांग जारी रखी।
आखिरकार, परिवार की सलाह पर व्यवसायी ने अंतिम 20 लाख रुपये देने से पहले लगभग 10 हजार रुपये का GPS ट्रैकर खरीदकर नोटों के एक बंडल में छिपा दिया। 15 जुलाई को पैसे सौंपने के तुरंत बाद पुलिस को सूचना दी गई।
ट्रैकर बना पुलिस की जांच का अहम सुराग
एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने ट्रैकर की लोकेशन के आधार पर अहियापुर थाना क्षेत्र में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान एक घर से ट्रैकर लगा बैग और 20 लाख रुपये नकद बरामद किए गए।
हालांकि, मुख्य आरोपी अभिषेक कुमार मौके से फरार होने में सफल रहा।
दो लोग हिरासत में, जांच जारी
नगर एसडीपीओ विनीत सिन्हा ने बताया कि पुलिस ने मामले में दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पुष्टि हुई है कि आरोपियों ने डीपफेक अश्लील सामग्री बनाकर व्यवसायी को ब्लैकमेल किया और 97 लाख रुपये की उगाही की।
पुलिस शेष 77 लाख रुपये की बरामदगी और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
आयकर विभाग को भी दी गई सूचना
बरामद 20 लाख रुपये की जानकारी आयकर विभाग को भी भेज दी गई है। साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि व्यवसायी को किस तरह हनी ट्रैप में फंसाया गया। पीड़ित की पहचान फिलहाल गोपनीय रखी गई है। बताया गया है कि वह मूल रूप से सीतामढ़ी के निवासी हैं और पटना में होटल व्यवसाय से जुड़े हैं।
बढ़ रहा है AI आधारित साइबर अपराध
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि AI और डीपफेक तकनीक का दुरुपयोग कर साइबर अपराधी लोगों को ब्लैकमेल और ठगी का शिकार बना रहे हैं। इससे पहले राजस्थान के जयपुर में भी AI आधारित हनी ट्रैप के जरिए करीब 90 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया था।
मुख्य बिंदु
- AI और डीपफेक तकनीक से होटल व्यवसायी को बनाया गया शिकार।
- अश्लील फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 97 लाख रुपये की उगाही।
- GPS ट्रैकर की मदद से पुलिस ने 20 लाख रुपये बरामद किए।
- दो संदिग्ध हिरासत में, मुख्य आरोपी फरार।
- शेष 77 लाख रुपये की बरामदगी और आरोपियों की तलाश जारी।
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